- घर की दीवार फांदकर कमरे में घुसने का आरोप, परिजनों ने पकड़कर पुलिस को सौंपा
जसीडीह/संवाददाता। जसीडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत माधोपुर गांव में एक महिला के साथ दुष्कर्म का प्रयास करने के आरोप में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार कर मंगलवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान माधोपुर निवासी दिनेश यादव (35) के रूप में हुई है। घटना के संबंध में पीड़िता ने देवघर सदर अस्पताल के महिला वार्ड में पुलिस के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया है। महिला ने बताया कि 30 अगस्त की रात वह अपने बेटे और पुत्रवधू के साथ खाना खाने के बाद अपने कमरे में सोने चली गई थी। रात करीब 11 बजे दिनेश यादव घर की दीवार फांदकर उसके कमरे में घुस आया और उसके साथ दुष्कर्म करने का प्रयास किया। महिला के अनुसार, आरोपी की हरकत से उसकी नींद खुल गई और उसने शोर मचाना शुरू कर दिया। आवाज सुनकर उसका बेटा और पुत्रवधू तत्काल कमरे में पहुंचे। दोनों ने आरोपी को पकड़ लिया और घटना की सूचना जसीडीह थाना पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर थाना ले गई। पुलिस ने पीड़िता के बयान के आधार पर जसीडीह थाना में प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी दिनेश यादव को गिरफ्तार कर लिया। आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
मुकेश सिंह हत्याकांड में फैसला न्याय की जीत : ध्रुव प्रसाद साह
देवघर/नगर संवाददाता। आजसू पार्टी के तत्कालीन देवघर जिलाध्यक्ष स्व. मुकेश सिंह एवं उनके चालक स्व. सोनू शर्मा हत्याकांड में 13 वर्षों बाद न्यायालय द्वारा सुनाए गए फैसले पर आजसू पार्टी के केंद्रीय सचिव सह गोड्डा जिला प्रभारी ध्रुव प्रसाद साह ने संतोष जताया है। उन्होंने न्यायालय के फैसले को न्याय की जीत बताते हुए कहा कि आठ दोषियों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा मिलना दिवंगत मुकेश सिंह और सोनू शर्मा को सच्ची श्रद्धांजलि है। कहा कि स्व. मुकेश सिंह उनके लिए केवल पार्टी के जिलाध्यक्ष नहीं, बल्कि बड़े भाई और अभिभावक के समान थे। नगर कमेटी से लेकर जिला कमेटी तक विभिन्न जिम्मेदारियों के दौरान उन्हें करीब 13 वर्षों तक उनके साथ काम करने का अवसर मिला। छात्र आंदोलन, झारखंड आंदोलन, विस्थापन आंदोलन समेत पार्टी के कई आंदोलनों में दोनों ने साथ मिलकर संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि मुकेश सिंह की सादगी, जुझारूपन और संगठन के प्रति समर्पण हमेशा कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। उनकी हत्या से संगठन ने एक समर्पित और संघर्षशील कार्यकर्ता को खो दिया, जिसकी कमी आज भी महसूस होती है। उन्होंने कहा कि न्यायालय का फैसला दिवंगतों की स्मृति को सच्ची श्रद्धांजलि है।
इनर व्हील क्लब ने जरूरतमंद मरीज के डायलिसिस का खर्च उठाया
- जीवनधारा’ प्रोजेक्ट के तहत हर माह एक मरीज को आर्थिक सहयोग देने का संकल्प
देवघर/नगर संवाददाता। सेवा भावना को आगे बढ़ाते हुए इनर व्हील क्लब ऑफ देवघर की ओर से स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में चलाए जा रहे ‘जीवनधारा’ प्रोजेक्ट के तहत जरूरतमंद डायलिसिस मरीज को आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया। क्लब की ओर से एक सितंबर को रेडक्रॉस सोसाइटी भवन, सदर अस्पताल परिसर में एक जरूरतमंद मरीज के एक दिन के डायलिसिस का खर्च वहन किया गया। क्लब की ओर से बताया गया कि ‘जीवनधारा’ प्रोजेक्ट जुलाई माह से संचालित किया जा रहा है। इसके तहत प्रत्येक माह एक जरूरतमंद डायलिसिस मरीज को उपचार के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का संकल्प लिया गया है। इसी क्रम में मंगलवार को मरीज के एक दिन के डायलिसिस की सहयोग राशि क्लब की सेक्रेटरी अर्पणा सिन्हा एवं आईएसओ अर्चना सिन्हा ने संयुक्त रूप से प्रदान की। कार्यक्रम क्लब की अध्यक्ष डॉ. ममता किरण की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। मौके पर एडिटर सुषमा रानी सहित क्लब की अन्य सदस्य एवं पदाधिकारी उपस्थित थीं। क्लब की पदाधिकारियों ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए नियमित डायलिसिस जैसे उपचार का खर्च उठाना काफी चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में समय पर मिलने वाला छोटा सा आर्थिक सहयोग भी मरीज के इलाज को लगातार जारी रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि क्लब का उद्देश्य विभिन्न सेवा परियोजनाओं के माध्यम से जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाना है। स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में ‘जीवनधारा’ प्रोजेक्ट के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर डायलिसिस मरीजों को उपचार में सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। क्लब ने भविष्य में भी इस तरह के सेवा कार्य जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई।
पुरानी पेंशन बहाली के चार वर्ष पूरे, सदर अस्पताल में खुशी
- चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने आयोजित किया आभार कार्यक्रम, मुख्यमंत्री के प्रति जताया धन्यवाद
देवघर/नगर संवाददाता। झारखंड में पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) लागू होने के चार वर्ष पूरे होने के अवसर पर मंगलवार को सदर अस्पताल परिसर में चिकित्सा कर्मियों की ओर से आभार कार्यक्रम आयोजित किया गया। झारखंड चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष मनोज कुमार मिश्र के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रति आभार जताया। कार्यक्रम के दौरान सदर अस्पताल परिसर कर्मचारियों के नारों से गूंज उठा। कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना को कर्मचारियों के भविष्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण निर्णय बताते हुए खुशी जाहिर की। इस दौरान कर्मचारियों ने केंद्र सरकार की नई पेंशन व्यवस्था के विरोध में भी नारेबाजी की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संघ के जिलाध्यक्ष मनोज कुमार मिश्र ने कहा कि केंद्र सरकार की नई पेंशन व्यवस्था को लेकर सरकारी कर्मचारियों में लंबे समय से असंतोष था। कर्मचारियों ने लगातार आंदोलन कर पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग उठाई थी। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार ने एक सितंबर 2022 से राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से वर्षों तक सरकारी सेवा करने के बाद सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन जीने का आधार मिला है। पुरानी पेंशन योजना कर्मचारियों के बुढ़ापे का सहारा है। इसी कारण हर वर्ष एक सितंबर को कर्मचारी ओपीएस लागू होने की वर्षगांठ पर खुशी मनाते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। मौके पर एनएमओपीएस के जिला सचिव संजीव कुमार मिश्र, उपाध्यक्ष विश्वनाथ बक्शी, चिकित्सा संघ के पदाधिकारी अनिल कुमार गुप्ता, विभूति कुमार, आलोक कुमार, अनिमेष घोष, विजय सिंह, प्रमोद सोरेन, रीना कुमारी, सुमित्रा कुमारी, प्रज्ञा कुमारी, पिंटो कुमार, अक्षय कुमार, सदानंद कुमार, जुली, शिवानी, वृंदा सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद थे। कार्यक्रम के अंत में कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना को कर्मचारी हित में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कर्मचारी हितों से जुड़े मुद्दों पर भविष्य में भी एकजुट होकर आवाज उठाने का संकल्प लिया।
स्पर्श पूजा परंपरा बरकरार रखते हुए व्यवस्था में सुधार की मांग
- तीर्थ पुरोहित चंद्रशेखर खवाड़े ने मुख्यमंत्री को भेजा पत्र, कांवरियों को सीधे गर्भगृह तक ले जाने का सुझाव
देवघर/नगर संवाददाता। बाबा बैद्यनाथ धाम की सदियों पुरानी स्पर्श पूजा परंपरा को बरकरार रखते हुए श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक और सुव्यवस्थित पूजा-दर्शन व्यवस्था लागू करने की मांग उठी है। इस संबंध में तीर्थ पुरोहित एवं सामाजिक-धार्मिक कार्यकर्ता चंद्रशेखर खवाड़े ने मुख्यमंत्री सह अध्यक्ष, बाबा बैद्यनाथ-बासुकीनाथ धाम तीर्थ विकास प्राधिकार को पत्र भेजकर कई सुझाव दिए हैं। पत्र में कहा गया है कि बाबा बैद्यनाथ धाम द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रमुख तीर्थस्थल है और करोड़ों सनातन श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। यहां की स्पर्श पूजा केवल पूजा की एक पद्धति नहीं, बल्कि सदियों पुरानी धार्मिक एवं तीर्थ परंपरा का अभिन्न हिस्सा है। इसलिए भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा एवं प्रशासनिक सुविधा के नाम पर परंपरागत पूजा-पद्धति में बदलाव करने के बजाय आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन के माध्यम से इसे सुरक्षित एवं व्यवस्थित किया जाना चाहिए।
कांवर का जल संकल्प और भक्ति का प्रतीक : चंद्रशेखर खवाड़े ने कहा कि सनातन परंपरा में स्मरण, दर्शन, नाम-जप, स्नान, स्पर्श और प्रत्यक्ष उपासना का अपना आध्यात्मिक महत्व है। कांवर यात्रा इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है। मंदिर परिसर में गंगाजल उपलब्ध होने के बावजूद देशभर से श्रद्धालु उत्तरवाहिनी गंगा से स्वयं जल लेकर सैकड़ों किलोमीटर की कठिन यात्रा करते हुए बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचते हैं। कांवर में लाया गया जल उनके संकल्प, तपस्या, श्रम और भक्ति का प्रतीक है। इसी प्रकार बाबा के समीप जाकर पूजा-अर्चना करना भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक अनुभूति है। उन्होंने सुझाव दिया कि मानसरोवर स्थित क्यू कॉम्प्लेक्स अथवा प्रतीक्षा स्थल से कांवरियों को सुव्यवस्थित कतार के माध्यम से सीधे बाबा मंदिर के गर्भगृह तक ले जाकर जलाभिषेक की व्यवस्था की जाए। इससे श्रद्धालुओं को अनावश्यक परेशानी से राहत मिलने के साथ भीड़ प्रबंधन भी बेहतर होगा।
संस्कार मंडप के मूल स्वरूप की रक्षा : पत्र में संस्कार मंडप का उपयोग अनावश्यक भीड़ प्रबंधन के लिए करने के बजाय उसके मूल धार्मिक उद्देश्य के लिए सुरक्षित रखने का आग्रह किया गया है। इससे मुंडन, उपनयन, विवाह सहित अन्य धार्मिक संस्कार पूर्व की तरह सुचारू रूप से संपन्न हो सकेंगे। शीघ्र दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को सड़क तक लंबी कतार में खड़ा कराने के बजाय पाठक धर्मशाला अथवा उमा भवन में उपलब्ध प्रतीक्षालय एवं कमरों में बिजली, पंखा, पेयजल और शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का सुझाव दिया गया है। इससे श्रद्धालुओं को राहत मिलने के साथ सड़क पर भीड़ और यातायात का दबाव कम होगा। प्रोटोकॉल पूजा एवं दर्शन के लिए प्रतिदिन एक से दो घंटे की निर्धारित समय-सीमा तय करने तथा नियमानुसार कूपन या शुल्क व्यवस्था लागू करने का सुझाव भी दिया गया है। साथ ही प्रोटोकॉल पूजा के लिए अलग पुलिस बल एवं सुरक्षाकर्मियों की व्यवस्था करने की मांग की गई है।
संयुक्त समन्वय समिति बनाने का आग्रह : चंद्रशेखर खवाड़े ने जिला प्रशासन, मंदिर प्रबंधन और पंडा धर्मरक्षिणी सभा के प्रतिनिधियों की संयुक्त समन्वय समिति गठित करने की मांग की है। उन्होंने पूजा-पद्धति और मंदिर की धार्मिक व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले पंडा समाज, तीर्थ पुरोहितों, विद्वान आचार्यों एवं परंपरा के जानकार प्रतिनिधियों से परामर्श लेने का आग्रह किया। पत्र में डिजिटल पंजीकरण, स्लॉट व्यवस्था, वैज्ञानिक कतार प्रबंधन, सीसीटीवी और डिजिटल सूचना प्रणाली जैसी आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल का समर्थन किया गया है। हालांकि उन्होंने कहा कि तकनीक का उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ नियंत्रण होना चाहिए, न कि बाबा बैद्यनाथ धाम की सनातन पूजा-पद्धति में अनावश्यक हस्तक्षेप करना। उन्होंने मुख्यमंत्री से ‘परंपरा में परिवर्तन नहीं, व्यवस्था में सुधार’ को आधार बनाकर पूजा-दर्शन व्यवस्था विकसित करने का आग्रह किया है।
सप्लाई पानी में नाली का पानी आने से मचा हड़कंप
- सनवेल बाजार में दूषित जलापूर्ति की शिकायत पर महापौर व डिप्टी मेयर ने लिया संज्ञान, जेई को तत्काल समाधान का निर्देश
देवघर/नगर संवाददाता। देवघर नगर निगम के वार्ड संख्या 19 एवं 20 के सनवेल बाजार क्षेत्र में सप्लाई के पानी में नाली का पानी आने की शिकायत के बाद नगर निगम प्रशासन हरकत में आया। स्थानीय लोगों की शिकायत पर मंगलवार को महापौर रवि राऊत एवं डिप्टी मेयर टिप चटर्जी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल समस्या दूर करने का निर्देश दिया। महापौर एवं डिप्टी मेयर ने वार्ड 19 की पार्षद सोनी केसरी तथा वार्ड 20 के पार्षद प्रतिनिधि के साथ क्षेत्र का जायजा लिया और स्थानीय लोगों से दूषित जलापूर्ति की जानकारी ली। इस दौरान नगर निगम के जेई सुमन कुमार को आवश्यक तकनीकी जांच कर समस्या का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि सप्लाई के पानी में नाली का पानी आने से उन्हें काफी परेशानी हो रही है। दूषित पानी की आपूर्ति से संक्रमण एवं स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की आशंका को लेकर लोगों में चिंता बनी हुई है। लोगों ने निगम प्रशासन से समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की। मामले को गंभीरता से लेते हुए निगम पदाधिकारियों ने संबंधित स्थल एवं जलापूर्ति व्यवस्था की जांच कर खामियों को दूर करने का निर्देश दिया। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि लोगों के घरों तक स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति हो। डिप्टी मेयर टिप चटर्जी ने कहा कि जनता को हो रही परेशानी का समाधान करना नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है। नागरिकों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर लिया जा रहा है। जलापूर्ति से जुड़ी शिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने संबंधित कर्मियों को कार्रवाई में तेजी लाने और समस्या के समाधान की निगरानी करने का निर्देश दिया। वहीं पार्षद सोनी केसरी एवं पार्षद प्रतिनिधि ने भी स्थानीय लोगों की समस्याओं को निगम पदाधिकारियों के समक्ष रखा। मौके पर वरुण मिश्रा, आशीष झा उर्फ कन्हैया झा सहित अन्य स्थानीय लोग मौजूद थे। निगम की पहल के बाद स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई कि दूषित जलापूर्ति की समस्या जल्द दूर होगी और उन्हें नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।
राष्ट्रपति के हाथों स्वर्ण पदक पाकर मनुश्री ने बढ़ाया देवघर का मान
- एनआईएफटी रायबरेली में विभाग में सर्वोच्च प्रदर्शन, मेधावी छात्रा सम्मान भी मिला
देवघर/नगर संवाददाता। देवघर की बेटी मनुश्री ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन किया है। श्रीकांत रोड, बेला बगान, देवघर निवासी मनुश्री को सोमवार, 31 अगस्त 2026 को नई दिल्ली स्थित यशोभूमि में आयोजित राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईएफटी) के स्नातक वर्ग 2026 के दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही उन्हें मेधावी छात्रा सम्मान भी प्रदान किया गया। मनुश्री ने एनआईएफटी रायबरेली में अपने विभाग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सर्वोच्च स्थान हासिल किया। एक ही अवसर पर दो महत्वपूर्ण उपलब्धियां प्राप्त कर उन्होंने अपने परिवार के साथ-साथ देवघर का भी गौरव बढ़ाया है। राष्ट्रपति के हाथों स्वर्ण पदक प्राप्त करना उनके लिए विशेष गौरव का क्षण रहा।
मैट्रिक के बाद देखा था एनआईएफटी में पढ़ने का सपना : मनुश्री ने वर्ष 2020 में सेंट फ्रांसिस विद्यालय, जसीडीह से मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। इस परीक्षा में उन्होंने देवघर जिले में आठवां स्थान प्राप्त किया था। इसके बाद इंडियन हेरिटेज विद्यालय, जसीडीह से वर्ष 2022 में प्रथम श्रेणी में उच्चतर माध्यमिक की परीक्षा उत्तीर्ण की। मैट्रिक के बाद से ही मनुश्री ने राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान में अध्ययन करने का लक्ष्य निर्धारित कर लिया था। लक्ष्य के प्रति निरंतर मेहनत करते हुए उन्होंने प्रथम प्रयास में ही एनआईएफटी रायबरेली में प्रवेश हासिल किया।
मेहनत से हासिल किया सर्वोच्च स्थान : रायबरेली संस्थान में अध्ययन के दौरान मनुश्री ने पढ़ाई के साथ अपने विषय में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। अपनी प्रतिभा, लगन और परिश्रम के बल पर उन्होंने विभाग में सर्वोच्च प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया। इसके साथ ही उन्हें मेधावी छात्रा सम्मान से भी नवाजा गया। नई दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों स्वर्ण पदक प्राप्त करने की उपलब्धि से उनके परिवार, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है।
बेटियों के लिए बनीं प्रेरणा : मनुश्री की सफलता छोटे शहरों की प्रतिभाओं के लिए प्रेरणादायक है। मैट्रिक के बाद देखे गए सपने को प्रथम प्रयास में एनआईएफटी में प्रवेश और फिर अपने विभाग में सर्वोच्च स्थान हासिल कर स्वर्ण पदक तक पहुंचाने का उनका सफर मेहनत और दृढ़ संकल्प की मिसाल है। राष्ट्रपति के हाथों सम्मान प्राप्त कर मनुश्री ने न केवल अपने शैक्षणिक जीवन में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की, बल्कि देवघर की प्रतिभाओं का मान भी बढ़ाया है। उनकी सफलता पर परिवार एवं स्थानीय लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
एलआईसी ने मधुपुर में 70वां स्थापना दिवस समारोह पूर्वक मनाया
मधुपुर/संवाददाता। स्थानीय खलासी मोहल्ला स्थित भारतीय जीवन बीमा निगम कार्यालय में मंगलवार को 70वां स्थापना दिवस मनाया गया। इस अवसर पर एक समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में निगम के सभी पदाधिकारी और अभिकर्तागण मौजूद थे। कार्यक्रम का उद्घाटन विशिष्ट अतिथि संत कुमार लच्क्षीरामका ने दीप प्रज्वलित कर किया। बीते 70 वर्षों में कार्यक्रम मे एलआईसी की गौरवशाली यात्रा और उपलब्धियों को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि एलआईसी सिर्फ देशवासियों को सुलभ और लाभप्रद बीमा सुरक्षा ही नहीं दे रही, बल्कि देश की आधारभूत संरचना के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। निगम ने वर्ष 2047 तक प्रत्येक नागरिक को बीमा सुरक्षा प्रदान करने का लक्ष्य रखा है। मौके पर शाखा प्रबंधक प्रेम प्रकाश, राम कृष्ण तिवारी, राजीव रंजन झा, संजय कुमार, मुरलीधर सिंह, दीपक कुमार, अनूप भैया, गौतम मिश्रा, विजय चौधरी सहित शाखा के सभी पदाधिकारी और अभिकर्तागण मौजूद थे।
प्रेम मंदिर में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का शुभारंभ
देवघर/नगर संवाददाता। गंगा विश्वशांति सद्भावना धाम (प्रेम मंदिर), मां जगदंबा कॉलोनी, वार्ड संख्या 35, गढ़ीदुलमपुर, देवसंघ में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर मंगलवार से सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का शुभारंभ हो गया। धार्मिक आयोजन सात सितंबर तक चलेगा। श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव में संस्था के संस्थापक सह राष्ट्रीय संत परम सद्गुरु डॉ. दुर्गेश आचार्य जी महाराज एवं आचार्य महामाया प्रसाद शास्त्री के मुखारविंद से श्रद्धालुओं को भागवत कथा का रसपान कराया जाएगा। आयोजन समिति ने देवघर सहित आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है। आयोजकों ने बताया कि सात दिनों तक चलने वाली कथा में श्रीमद्भागवत के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, भक्ति, धर्म और आध्यात्मिक जीवन के महत्व पर प्रकाश डाला जाएगा। कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को सनातन संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और जीवन में सदाचार अपनाने का संदेश दिया जाएगा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित इस महोत्सव का उद्देश्य समाज में प्रेम, शांति, सद्भावना और आध्यात्मिक चेतना को बढ़ावा देना है। संस्था की ओर से बताया गया कि धार्मिक आयोजनों के माध्यम से लोगों को आपसी भाईचारे और सामाजिक समरसता का संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है। भागवत कथा के दौरान श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके उपदेशों से जुड़े प्रसंगों को सुनने का अवसर मिलेगा। आयोजन समिति के सदस्य कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटे हैं। समिति में महेश प्रसाद राय अध्यक्ष, अजीत कुमार राय उपाध्यक्ष, कृष्ण कन्हैया राय संयोजक, रंजीत झा कोषाध्यक्ष और अमरेश कुमार सिंह सचिव हैं। समिति की ओर से श्रद्धालुओं से सातों दिन कथा में शामिल होकर आध्यात्मिक लेने की अपील की गई है। आयोजकों का कहना है कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला आध्यात्मिक माध्यम है। कथा श्रवण से मनुष्य को धर्म, कर्म, भक्ति और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। महोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है। मौके पर ब्रजेश राय, कुणाल राय, मनीष कुमार, अजीत नारायण पांडेय, दीपक पंडित, टिंकू कुमार, पिंटू तिवारी, सुधांशु राय, अजित सिंह, संतोष कुमार सहित अन्य ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।