- 13 जुलाई से कार्य बहिष्कार का एलान, नगर निगम की सफाई व्यवस्था ठप होने की आशंका
देवघर/नगर संवाददाता। देवघर नगर निगम क्षेत्र में कार्यरत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (एमएसडब्ल्यूएम) एजेंसी के सफाई कर्मियों ने पिछले आठ वर्षों से कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) की राशि जमा नहीं किए जाने का आरोप लगाते हुए 13 जुलाई 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। इस संबंध में कर्मियों ने नगर निगम प्रशासन एवं संबंधित एजेंसी प्रबंधन को संयुक्त हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में कहा गया है कि सभी कर्मचारी पिछले आठ वर्षों से नगर निगम क्षेत्र में सफाई एवं अन्य आवश्यक कार्यों का नियमित रूप से निर्वहन कर रहे हैं। इसके बावजूद आज तक उनकी कर्मचारी भविष्य निधि की राशि उनके खातों में जमा नहीं कराई गई है। इस संबंध में एजेंसी प्रबंधन से कई बार आग्रह और शिकायत की गई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन देकर मामले को टाल दिया गया। सफाई कर्मियों का कहना है कि कर्मचारी भविष्य निधि उनकी सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार है। लंबे समय से राशि जमा नहीं होने के कारण कर्मचारियों में भारी असंतोष है। यदि शीघ्र ही बकाया राशि जमा कराने की दिशा में ठोस पहल नहीं की गई तो 13 जुलाई से सभी कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। कर्मचारियों ने अपने ज्ञापन में स्पष्ट किया है कि हड़ताल के दौरान नगर निगम की सफाई व्यवस्था सहित अन्य आवश्यक सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी प्रबंधन एवं प्रशासन की होगी।
सफाई कर्मियों ने मांग की है कि पिछले आठ वर्षों की बकाया कर्मचारी भविष्य निधि राशि की जांच कर उसे तत्काल संबंधित कर्मचारियों के खातों में जमा कराया जाए तथा भविष्य में नियमित रूप से भविष्य निधि की राशि जमा करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। ज्ञापन पर झारखंड लोकल बॉडीज इम्प्लाइज फेडरेशन, देवघर नगर निगम इकाई के पदाधिकारियों के साथ-साथ एमएसडब्ल्यूएम एजेंसी के बड़ी संख्या में सफाई कर्मियों ने हस्ताक्षर किए हैं। कर्मचारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर समय रहते सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
देवघर में कैच द रेन अभियान को गति देने की तैयारी
- वर्षा जल संचयन पर नगर निगम की अहम बैठक
- सरकारी-निजी भवनों, पार्कों और सार्वजनिक स्थलों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम दुरुस्त करने व नए स्ट्रक्चर बनाने का निर्णय
देवघर/नगर संवाददाता। जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने और केंद्र सरकार के जल शक्ति अभियान कैच द रेन को प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से शनिवार को देवघर नगर निगम कार्यालय के सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने, जल संकट से निपटने तथा मानसून के दौरान अधिक से अधिक वर्षा जल के संरक्षण को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में महापौर रवि कुमार राउत, उपमहापौर टिप चटर्जी, विभिन्न वार्डों के पार्षद, नगर आयुक्त सुलोचना मीणा, अपर नगर आयुक्त रजनीश कुमार, सहायक नगर आयुक्त, नगर मिशन प्रबंधक सहित नगर निगम के अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान भारत सरकार द्वारा संचालित कैच द रेन अभियान की रूपरेखा, उद्देश्यों और विभिन्न गतिविधियों की जानकारी साझा की गई। आगामी मानसून को देखते हुए नगर क्षेत्र में वर्षा जल संचयन की व्यवस्था को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया। नगर आयुक्त ने अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में जल संरक्षण सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि ‘कैच द रेन’ अभियान को सफल बनाने के लिए प्रशासन और आम नागरिकों की सामूहिक भागीदारी आवश्यक है। यदि अभी से प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में जल संकट और गंभीर हो सकता है। बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि नगर निगम क्षेत्र के सभी सरकारी एवं निजी भवनों, पार्कों तथा सार्वजनिक स्थलों पर स्थापित वर्षा जल संचयन प्रणालियों का निरीक्षण कर उन्हें दुरुस्त कराया जाएगा। साथ ही जहां आवश्यकता होगी, वहां नए रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर की पहचान कर उनका निर्माण भी कराया जाएगा, ताकि वर्षा जल का अधिकतम संरक्षण सुनिश्चित हो सके।
महापौर और उपमहापौर ने अपने संबोधन में कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी से ही यह अभियान सफल हो सकता है। उन्होंने सभी वार्ड पार्षदों से अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को वर्षा जल संचयन के प्रति जागरूक करने तथा प्रत्येक घर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग को बढ़ावा देने की अपील की। बैठक के दौरान वार्ड पार्षदों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में जल संरक्षण से जुड़ी समस्याओं और आवश्यकताओं को सामने रखते हुए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। इन सुझावों को अभियान की कार्ययोजना में शामिल करने पर भी विचार किया गया। बैठक के अंत में नगर आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि ‘कैच द रेन’ अभियान के तहत संचालित सभी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। साथ ही व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से आम लोगों को वर्षा जल संचयन के महत्व के प्रति जागरूक कर अभियान को जनभागीदारी के साथ सफल बनाया जाए।
जिले के महत्वपूर्ण रेललाइन परियोजनाओं की हुईं समीक्षा बैठक
- उपायुक्त ने कार्यों में तेजी लाने और आपसी समन्वय के दिए निर्देश
- मोहनपुर-हंसडीहा, बासुकीनाथ-चितरा सहित कई नई रेल लाइनों और आधा दर्जन से अधिक आरओबी निर्माण कार्यों की हुई बिंदुवार समीक्षा
देवघर/वरीय संवाददाता। जिले में चल रही विभिन्न महत्वाकांक्षी रेल परियोजनाओं को गति देने और तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के उद्देश्य से शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में किया गया। इस दौरान उपायुक्त ने जिले की लाइफलाइन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण रेल लाइनों और ओवरब्रिज निर्माण कार्यों की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की।बैठक के दौरान उपायुक्त ने परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए मोहनपुर-हंसडीहा नई बीजी रेल लाईन, बासुकीनाथ-चितरा नई रेल लाईन, जसीडीह बायपास रेल लाईन, मधुपुर बायपास रेल लाईन, एन एच ए पथ पर पथरिया में आर ओ बी एन एच 114ए पथ पर सपहा में जगदीशपुर में आर ओ बी, शंकरपुर-जसीडीह स्टेशन के बीच आरओबी, गिरिडीह-सारठ पथ पर मधुपुर स्टेशन-जोड़ामो स्टेशन के बीच आर ओ बी निर्माण से जुड़े कार्यों की बिंदुबार समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व उचित दिशा निर्देश दिया। साथ ही विभिन्न रेल परियोजनाओं में हो रहे विलंब को लेकर उपायुक्त ने जिला स्तरीय अधिकारियों और रेलवे के पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे आपसी समन्वय के साथ काम करें। उपायुक्त ने कहा कि बुनियादी ढांचे से जुड़ी इन बड़ी परियोजनाओं में किसी भी स्तर पर देरी स्वीकार्य नहीं है, इसलिए सभी अधिकारी टीम भावना के साथ काम करते हुए समय पर कार्य पूर्ण करना सुनिश्चित करें। आगे रेलवे परियोजनाओं के रास्ते में आ रही भूमि संबंधी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाने के लिए उपायुक्त ने संबंधित अंचलों के अंचलाधिकारियों और जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भू-अर्जन से जुड़े मामलों का निष्पादन त्वरित गति से किया जाए, ताकि कार्यों में किसी भी तरह का व्यवधान न आए।
बैठक मेंअपर समाहर्ता हीरा कुमार, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, संबंधित अंचलों के अंचलाधिकारी, रेलवे के अधिकारी व अभियंता, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित थे।
भाविप देवघर ने 300 छात्राओं के बीच चलाया एनीमिया जागरूकता अभियान
देवघर/वरीय संवाददाता। भारत विकास परिषद (भाविप), देवघर शाखा द्वारा स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित सेवा पखवारा के अंतर्गत शुक्रवार को सेंट मेरी गर्ल्स हाई स्कूल, देवघर में एनीमिया जागरूकता एवं स्वास्थ्य संरक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में लगभग 300 छात्राओं को एनीमिया से बचाव, पोषण एवं मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया तथा एनीमिक छात्राओं की हीमोग्लोबिन जांच भी की गई। कार्यक्रम का विषय स्वस्थ, समर्थ, संस्कारी भारत रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता एवं स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण, पुष्पांजलि और सामूहिक वंदे मातरम् के साथ हुआ। इसके बाद परिषद की ओर से आमंत्रित अतिथि चिकित्सक डॉ. के. पल्लवी, डॉ. स्वाति प्रिया तथा विद्यालय की प्राचार्या क्रिस्टीना को अंगवस्त्र, स्मृति-चिह्न और स्वामी विवेकानंद का चित्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
मुख्य वक्ता के रूप में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. के. पल्लवी तथा एम्स देवघर की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. स्वाति प्रिया ने छात्राओं को एनीमिया के कारण, लक्षण, दुष्परिणाम, बचाव के उपाय एवं मासिक धर्म स्वच्छता की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने संतुलित एवं आयरन युक्त आहार, व्यक्तिगत स्वच्छता, नियमित स्वास्थ्य जांच और समय पर उपचार के महत्व पर बल देते हुए कहा कि स्वस्थ बालिका ही भविष्य में समर्थ नारी बनती है और वही स्वस्थ, सशक्त एवं संस्कारी भारत की आधारशिला है। परिषद की अध्यक्ष कंचन मूर्ति ने कहा कि स्वस्थ शरीर से सामर्थ्य का निर्माण होता है और सामर्थ्य को सही दिशा संस्कार प्रदान करते हैं। कार्यक्रम में कोषाध्यक्ष डॉ. राजेश राज, सेवा प्रभारी संजय बंका, पूर्व पदाधिकारी रंजीत बरनवाल, एस.पी. बिलास भुइयां, महिला सहभागिता प्रभारी कंचन शेखर, प्रो. परिमल सिंह, आशा कुमारी, लाजवंती गुप्ता सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।
भोजपुरी को आठवीं अनुसूची में शामिल करना ही भिखारी ठाकुर को सच्ची श्रद्धांजलि : अजय
देवघर/वरीय संवाददाता। भोजपुरी के महान लोकनाट्यकार एवं जनकवि स्वर्गीय भिखारी ठाकुर की पुण्यतिथि पर बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन के पूर्व प्रवक्ता अजय कुमार ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि भिखारी ठाकुर को भोजपुरी का शेक्सपियर कहा जाता है। उन्होंने अपने लोकनाट्यों और गीतों के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों एवं रूढ़ियों पर प्रभावी प्रहार करते हुए समाज को जागरूक करने का कार्य किया।
अजय कुमार ने कहा कि भोजपुरी भाषा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा दिलाने में भिखारी ठाकुर का योगदान अतुलनीय है। उनके साहित्य और लोककला ने भोजपुरी संस्कृति को नई पहचान दिलाई। उन्होंने कहा कि भोजपुरी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करना ही भिखारी ठाकुर के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
37 लाख की साइबर ठगी मामले में कर्नाटक पुलिस की देवघर में दबिश
- आठ घंटे पूछताछ के बाद नोटिस देकर छोड़ा
देवघर/संवाददाता। कर्नाटक के बीजापुर जिला साइबर क्राइम पुलिस ने 37 लाख रुपये की साइबर ठगी मामले की जांच के सिलसिले में देवघर में कार्रवाई करते हुए सारठ थाना क्षेत्र के दुंदुवाजोरी गांव निवासी चंदन दास को नगर थाना क्षेत्र के बंपास टाउन धनगौर स्थित उसके ससुराल से उठाया। पुलिस टीम उसे नगर थाना लेकर पहुंची, जहां करीब आठ घंटे तक गहन पूछताछ की गई। पूछताछ के बाद पुलिस ने चंदन दास को ठगी कांड से संबंधित नोटिस थमाकर छोड़ दिया। जानकारी के अनुसार, बीजापुर जिले के तीन लोगों से कुल 37 लाख रुपये की साइबर ठगी हुई थी। मामले की जांच के दौरान देवघर जिले के दो साइबर आरोपितों की संलिप्तता सामने आने के बाद कर्नाटक की साइबर क्राइम पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया। इसी कड़ी में पांच सदस्यीय पुलिस टीम देवघर पहुंची और संभावित आरोपितों की तलाश शुरू की। सूत्रों के मुताबिक, चंदन दास से मामले से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत पूछताछ की गई। आवश्यक जानकारी जुटाने के बाद उसे नोटिस देकर जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया गया। फिलहाल इस कार्रवाई में उसकी गिरफ्तारी नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि कर्नाटक पुलिस की टीम अभी भी इस मामले में एक अन्य आरोपित की तलाश में जुटी हुई है। उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी और पूछताछ की कार्रवाई जारी है। पुलिस का मानना है कि मामले में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचने के लिए जांच लगातार आगे बढ़ाई जा रही है। कर्नाटक पुलिस की इस कार्रवाई से देवघर में दिनभर चर्चाओं का माहौल बना रहा। वहीं, साइबर ठगी के अंतरराज्यीय नेटवर्क को लेकर जांच एजेंसियां लगातार सक्रिय हैं और मामले में आगे भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
फोन हैक कर खाते से पांच हजार की अवैध निकासी
देवघर/संवाददाता। साइबर अपराधियों ने ओटीपी भेजकर मोबाइल फोन हैक करने के बाद एक व्यक्ति के खाते से 5 हजार रुपये की अवैध निकासी कर ली। मामले को लेकर पीड़ित ने देवघर साइबर थाना में शिकायत दर्ज कर न्याय की गुहार लगाई है। जानकारी के अनुसार, सोनारायथाढ़ी निवासी संतोष यादव वर्तमान में बोकारो में रहकर एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि उनके मोबाइल पर एक ओटीपी आया, जिसके बाद उनका फोन हैक हो गया। इसके कुछ ही देर बाद उनके बैंक खाते से 5 हजार रुपये की अवैध निकासी कर ली गई। घटना की जानकारी मिलने पर संतोष यादव देवघर साइबर थाना पहुंचे और पूरे मामले की लिखित शिकायत दी। उन्होंने साइबर पुलिस से अवैध निकासी की जांच कर राशि वापस दिलाने तथा दोषियों के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस शिकायत के आधार पर मामले की जांच में जुट गई है।
स्कूल बस ने स्कूटी और कार में मारी टक्कर
देवघर/संवाददाता। नगर क्षेत्र के रांगा मोड़ पर शुक्रवार को एक स्कूल बस और स्कूटी के बीच हुई टक्कर से अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के अनुसार सिन्हा इंटरनेशनल स्कूल की बस से एक स्कूटी को धक्का लग गया। स्कूटी पर एक बच्चे को लेकर जाया जा रहा था। टक्कर के बाद स्कूटी बस के चक्के के नीचे फंस गई, जिससे मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। इसी दौरान बस ने पास में खड़ी एक डिजायर कार को भी ठोकर मार दी, जिससे कार क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के बाद कुछ देर के लिए यातायात प्रभावित रहा। स्थानीय लोगों की मदद से स्थिति को सामान्य किया गया। फिलहाल घटना में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही नगर पुलिस वहां पहुंची और बस और डिजायर कार को थाना ले आई। समाचार लिखे जाने तक नगर पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है।
जसीडीह स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ते समय पॉकेटमारी, खाते से 12 हजार की अवैध निकासी
देवघर/संवाददाता। बेटी की तबीयत खराब होने की सूचना मिलने पर घर जा रहे एक युवक के साथ जसीडीह रेलवे स्टेशन पर पॉकेटमारी की घटना हो गई। घटना के बाद उसके बैंक खाते से 12 हजार रुपये की अवैध निकासी भी कर ली गई। पीड़ित ने मामले की शिकायत देवघर साइबर थाना में दर्ज कराते हुए कार्रवाई की मांग की है। जानकारी के अनुसार, करौं थाना क्षेत्र के प्रतापपुर गांव निवासी गुड्डू रवानी अपनी बेटी की तबीयत खराब होने की सूचना मिलने पर घर जाने के लिए निकला था। वह जसीडीह रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ रहा था, तभी भीड़ का फायदा उठाकर किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसकी जेब साफ कर दी। कुछ ही देर बाद उसके बैंक खाते से 12 हजार रुपये की निकासी होने की जानकारी मिली। घटना के बाद गुड्डू रवानी सीधे देवघर साइबर थाना पहुंचा और लिखित आवेदन देकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। उसने पुलिस से पॉकेटमारों की पहचान कर राशि वापस दिलाने तथा दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। पीड़ित गुड्डू रवानी वर्तमान में देवघर में रहकर एक कार शोरूम में नौकरी करता है। साइबर थाना पुलिस ने आवेदन प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
श्रावणी मेला में निर्बाध बिजली आपूर्ति को लेकर बीवीएनएल-जेयूएसएनएल की संयुक्त बैठक
- बैकअप व्यवस्था रहेगी पूरी तरह तैयार
- बिजली ट्रिप होने पर तत्काल बैकअप सिस्टम से बहाल होगी आपूर्ति
- पिछले वर्ष 101 मेगावाट रही थी अधिकतम मांग, इस बार बढ़ी जरूरत को देखते हुए पहले से तैयारी
देवघर/संवाददाता। आगामी श्रावणी मेला के दौरान श्रद्धालुओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बीवीएनएल (सप्लाई) और जेयूएसएनएल (ट्रांसमिशन) के अधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। विद्युत अधीक्षण अभियंता के कार्यालय कक्ष में आयोजित बैठक की अध्यक्षता डीजीएम (ट्रांसमिशन) बिनोद भोई ने की। बैठक में ट्रांसमिशन, ग्रिड और सप्लाई सिस्टम के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया ताकि मेले के दौरान किसी भी प्रकार की बिजली बाधित न हो। बैठक में अधिकारियों ने निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की। विद्युत कार्यपालक अभियंता नीरज आनंद ने बताया कि यदि किसी भी कारण से बिजली ट्रिप होती है या आपूर्ति बाधित होती है, तो तत्काल बैकअप व्यवस्था के माध्यम से बिजली बहाल कर दी जाएगी। इसके लिए सभी आवश्यक तकनीकी और परिचालन तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई हैं। बैठक के दौरान श्रावणी मेला में बढ़ने वाले बिजली भार को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि पिछले वर्ष श्रावणी मेला के दौरान अधिकतम 101 मेगावाट बिजली की मांग दर्ज की गई थी। इस वर्ष श्रद्धालुओं की संभावित बढ़ी संख्या को देखते हुए बिजली की मांग में भी वृद्धि होने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त तैयारी और आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। अधिकारियों ने पीएसएस के इंटरकनेक्टेड सिस्टम के माध्यम से विद्युत आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ाने तथा आपात स्थिति में भी निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के उपायों पर मंथन किया। बैठक में भरोसा दिलाया गया कि श्रावणी मेला के दौरान बिजली व्यवस्था को लेकर बीवीएनएल और जेयूएसएनएल की पूरी टीम चौबीसों घंटे मुस्तैद रहेगी, ताकि श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। बैठक में विद्युत अधीक्षण अभियंता (सप्लाई) प्रवीण उरांव, विद्युत कार्यपालक अभियंता (ट्रांसमिशन) चंदन सिंह, सहायक विद्युत अभियंता (ट्रांसमिशन) बादल, सहायक विद्युत अभियंता (सप्लाई) डेविड हांसदा, कनीय विद्युत अभियंता आरपी चौधरी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
आर्म्स एक्ट व मारपीट मामले के आरोपी का सत्यापन करने देवघर पहुंची बंगाल पुलिस
देवघर/संवाददाता। पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के रायगंज थाना की पुलिस आर्म्स एक्ट एवं मारपीट के एक मामले में आरोपी के सत्यापन के लिए शुक्रवार को देवघर पहुंची। एसआई अरुण सिंघा के नेतृत्व में पुलिस टीम नगर थाना पहुंची, जहां स्थानीय पुलिस के सहयोग से शहर के एक होटल में जाकर सत्यापन की कार्रवाई की गई। जानकारी के अनुसार, रायगंज थाना कांड संख्या 508/26 के सिलसिले में यह कार्रवाई की गई। इस मामले में पश्चिम बिरनगर वार्ड संख्या-17, रायगंज निवासी अमित दास ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। दर्ज शिकायत में आरोप लगाया गया है कि तनय दास, पंकज प्रामाणिक और कल्याण साहा बिलबाड़ी तालाब सहित आसपास के निचले जलभराव वाले क्षेत्र एवं आदर्रा भूमि को अवैध रूप से मिट्टी भरकर समतल कर रहे थे। आरोप है कि उक्त स्थल पर रास्ता बनाकर फ्लैट निर्माण की तैयारी की जा रही थी। प्राथमिकी के अनुसार, जब अमित दास ने इसका विरोध किया तो आरोपितों ने उसके साथ मारपीट की तथा हथियार दिखाकर जान से मारने की धमकी दी। इसी मामले में बंगाल पुलिस जांच को आगे बढ़ाते हुए देवघर पहुंची। बताया जाता है कि मामले के एक आरोपी ने पुलिस को बताया था कि घटना के दिन वह देवघर स्थित एक होटल में ठहरा हुआ था और घटना में उसकी कोई संलिप्तता नहीं थी। इसी दावे की पुष्टि करने के लिए रायगंज थाना की पुलिस देवघर पहुंची। नगर थाना पुलिस के सहयोग से संबंधित होटल में पहुंचकर आरोपी के ठहरने से जुड़े तथ्यों एवं अभिलेखों का सत्यापन किया गया। फिलहाल बंगाल पुलिस मामले की जांच के तहत प्राप्त तथ्यों का मिलान कर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है। वहीं, नगर थाना पुलिस ने सत्यापन प्रक्रिया में आवश्यक सहयोग प्रदान किया।
प्रोफेसर कॉलोनी चोरी कांड में दो वर्ष बाद एक आरोपी गिरफ्तार
देवघर/संवाददाता। नगर थाना क्षेत्र के प्रोफेसर कॉलोनी में वर्ष 2024 में हुई चोरी के मामले में नगर थाना पुलिस को अहम सफलता मिली है। पुलिस ने मामले के एक आरोपी को गिरफ्तार कर शुक्रवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान बिहार के जमुई जिला अंतर्गत चंद्रमंडी थाना क्षेत्र के रायचोर गांव निवासी जितेंद्र पासवान के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, नगर थाना कांड संख्या 358/24 दिनांक 20 जून 2024 के तहत यह मामला दर्ज किया गया था। प्रोफेसर कॉलोनी, विलासी निवासी कुंदन कुमार सिंह ने नगर थाना में मामला दर्ज कराकर बताया था कि वह 13 जून 2024 को अपने बीमार भाई को देखने बिहार के खगड़िया जिले के पौरा गांव गए थे। 20 जून की सुबह जब वह अपने देवघर स्थित आवास लौटे तो घर के मुख्य गेट का ताला और कुंडी टूटी हुई मिली। घर के अंदर प्रवेश करने पर सभी कमरों के ताले और कुंडियां टूटी हुई थीं तथा सामान बिखरा पड़ा था। दो गोदरेज भी टूटे मिले, जिनमें रखे लगभग तीन भर सोने के आभूषण, दो सोने की चेन, एक जोड़ी टॉप्स, चांदी के सिक्के, अन्य चांदी के जेवर, कुछ कपड़े तथा घर में रखे 25 हजार रुपये नकद गायब थे। पीड़ित के आवेदन पर नगर थाना में मामला दर्ज कर पुलिस ने अनुसंधान शुरू किया था। इसी कड़ी में नगर पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद शुक्रवार को जेल भेज दिया।