- मेहरमा के पहाड़खंड बगीचा में पुलिस की कार्रवाई, साथी मौके से फरार
मेहरमा /संवाददाता: मेहरमा थाना पुलिस ने संभावित आपराधिक वारदात को समय रहते विफल करते हुए पहाड़खंड बगीचा से एक युवक को देशी पिस्तौल के साथ गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान उसका एक साथी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया, जिसकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि दो युवक कट्टा और हथियार के साथ पहाड़खंड बगीचा क्षेत्र में किसी वारदात की योजना बना रहे हैं। सूचना के आधार पर गठित विशेष छापेमारी टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। पुलिस वाहन देखते ही दोनों युवक भागने लगे, लेकिन पीछा कर एक को पकड़ लिया गया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान विशाल कुमार यादव (18), पिता विनोद यादव, निवासी पशाहीचक, थाना पीरपैंती, जिला भागलपुर (बिहार) के रूप में हुई है। उसकी तलाशी में एक देशी पिस्तौल बरामद हुई। पुलिस ने मौके से बजाज पल्सर मोटरसाइकिल (जेएच-17-9511) भी जब्त की है।
इस मामले में मेहरमा थाना में आर्म्स एक्ट समेत सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
सरकारी कार्य में अवरोध को लेकर दर्ज की गई प्राथमिकी
मतदाता पुनरीक्षण में बाधा डालना पड़ा महंगा
- बीएलओ से अभद्रता व धमकी के मामले में देवडांड़ थाना में केस, जांच शुरू
- प्रशासन की चेतावनी— मतदाता सूची पुनरीक्षण पूरी तरह नि:शुल्क, व्यवधान डालने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
गोड्डा/संवाददाता। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 अभियान के दौरान सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने और बीएलओ के साथ अभद्र व्यवहार करने के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शिकायत के आधार पर देवडांड़ थाना में प्राथमिकी दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत विधिसम्मत कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
प्रशासन के अनुसार, 9 जुलाई को देवडांड़ थाना क्षेत्र के शुंडमारा हरिजन टोला में बीएलओ रीता देवी और आंगनबाड़ी सेविका मतदाता गणना प्रपत्र भरने एवं आवश्यक जानकारी संकलित करने का कार्य कर रही थीं। इसी दौरान सद्दाम अंसारी पर सरकारी कार्य में हस्तक्षेप करने, प्रतिनियुक्त कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार करने तथा धमकी देकर कार्य में बाधा पहुंचाने का आरोप है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान भारत निर्वाचन आयोग का महत्वपूर्ण कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाना है। इस कार्य में लगे बीएलओ, आंगनबाड़ी सेविका, पर्यवेक्षक एवं अन्य कर्मी शासकीय दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। ऐसे में सरकारी कार्य में अवरोध, धमकी या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने का प्रयास गंभीर अपराध है और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने नागरिकों से मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान में सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि यह प्रक्रिया पूरी तरह नि:शुल्क है। किसी भी शिकायत का समाधान विधिक और प्रशासनिक प्रक्रिया से कराया जा सकता है, लेकिन कानून हाथ में लेने या सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
ई-विद्यावाहिनी से मजबूत होगी शिक्षा की निगरानी, मिला प्रशिक्षण
गोड्डा/संवाददाता। जिला शिक्षा विभाग के तत्वावधान में डिस्ट्रक्टि सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में आयोजित दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुक्रवार को संपन्न हुआ। प्रशिक्षण का विषय ई-विद्यावाहिनी आधारित अनुश्रवण, शैक्षणिक सुदृढ़ीकरण तथा आधारभूत साक्षरता एवं संख्याज्ञान (एफएलएन) का प्रभावी मूल्यांकन रहा।
कार्यक्रम का उद्घाटन अतिरिक्त कार्यक्रम पदाधिकारी (गुणवत्ता शिक्षा) अजय कुमार ने किया। उन्होंने कहा कि ई-विद्यावाहिनी आधारित अनुश्रवण प्रणाली विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत आधारभूत साक्षरता एवं संख्याज्ञान के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए नियमित शैक्षणिक सहयोग, प्रभावी अनुश्रवण और सतत मूल्यांकन आवश्यक है। उन्होंने सीआरपी एवं बीआरपी को विद्यालयों का नियमित भ्रमण कर शिक्षकों का शैक्षणिक मार्गदर्शन करने और बच्चों के अधिगम स्तर में सुधार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को नई हिंदी एवं गणित की पाठ्यपुस्तकों की संरचना, भाषा एवं गणित शिक्षण की प्रभावी रणनीतियां, गतिविधि आधारित शिक्षण, कक्षा अवलोकन, शैक्षणिक फीडबैक, ई-विद्यावाहिनी प्लेटफॉर्म के तकनीकी पहलू, संशोधित अनुश्रवण संकेतक, गुणवत्तापूर्ण डेटा संकलन, सपोर्ट असेसमेंट तथा विद्यालय भ्रमण की मानक कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में सीआरपी, बीआरपी सहित शिक्षा विभाग के अन्य कर्मी उपस्थित रहे।
घरेलू हिंसा पर चुप न रहें महिलाएं, कानून देता है बराबरी का अधिकार
गोड्डा/संवाददाता। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के 90 दिवसीय जागरूकता अभियान के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा) के निर्देश पर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों और पंचायतों में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। शिविरों में महिलाओं को उनके संवैधानिक और कानूनी अधिकारों की जानकारी दी गई।
मछिया-सिमरडा में आयोजित कार्यक्रम में डालसा टीम की सदस्य मार्था टुडू ने महिलाओं को घरेलू हिंसा अधिनियम-2005 की जानकारी देते हुए कहा कि महिलाओं को पुरुषों के समान संवैधानिक अधिकार प्राप्त हैं। उन्होंने बताया कि घरेलू हिंसा केवल शारीरिक प्रताड़ना तक सीमित नहीं है, बल्कि मानसिक उत्पीड़न, गाली-गलौज, अपमान, धमकी, जबरन यौन संबंध और आर्थिक शोषण भी इसके दायरे में आते हैं।
उन्होंने महिलाओं से किसी भी प्रकार की प्रताड़ना होने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण या नजदीकी थाना से संपर्क कर कानूनी सहायता लेने की अपील की। अभियान के दौरान अन्य थाना क्षेत्रों में भी विधिक जागरूकता शिविर आयोजित कर लोगों को विभिन्न कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई।
बांस से बदलेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था, झारखंड बनेगा उद्योग का हब : दीपिका
- बांस आधारित उद्योगों से रोजगार, महिला उद्यमिता और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
- नीति संवाद में सतत विकास और बाजार विस्तार की रणनीति पर हुआ मंथन
गोड्डा/रांची/संवाददाता। झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि बांस आधारित उद्योग राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने के साथ रोजगार और महिला सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बांस आधारित नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मिशन मोड में कार्य करेगी।
रांची स्थित एक्सआईएसएस में आयोजित बेंबो ईकोसिस्टम कॉन्क्लेव-2026 के नीति संवाद में उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन के संरक्षण के साथ निवेश और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देकर झारखंड को बांस आधारित उद्योगों का अग्रणी केंद्र बनाया जा सकता है। उन्होंने बिरसा हरित ग्राम योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना के तहत झारखंड के आम अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचे हैं और इसी तरह बांस आधारित आजीविका मॉडल भी ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम में बांस आधारित औद्योगिक नीति, स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी, निवेश, मूल्य संवर्धन और बाजार विस्तार पर विस्तृत चर्चा हुई। सम्मेलन में एक्सआईएसएस के डॉ. प्रो. अनंत कुमार, नीड्स के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मुरारी एम. चौधरी, संजीव कार्पे, डॉ. मनोज जी सहित कई विशेषज्ञ मौजूद थे।
टूटी सफाई कर्मियों की हड़ताल, आज से शहर फिर होगा साफ-सुथरा
- मानदेय वृद्धि व अन्य मांगों पर सहमति के बाद बनी बात
- नगर परिषद से वार्ता सफल, कर्मी लौटे काम पर
गोड्डा/संवाददाता। नगर परिषद के सफाई कर्मियों की हड़ताल शुक्रवार को प्रशासन और कर्मियों के बीच सफल वार्ता के बाद समाप्त हो गई। विभिन्न मांगों पर सकारात्मक सहमति बनने के बाद सफाई कर्मियों ने हड़ताल वापस लेकर तत्काल प्रभाव से अपने-अपने कार्यक्षेत्र में सफाई कार्य शुरू कर दिया, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था फिर पटरी पर लौट आई।
नगर परिषद कार्यालय में आयोजित बैठक में अध्यक्ष सुशील रामानी, उपाध्यक्ष प्रतिनिधि अशोक तिवारी, कार्यपालक पदाधिकारी अरविंद अग्रवाल, वार्ड पार्षद सौरभ परासर उर्फ बच्चू झा, शंकर झा तथा पार्षद प्रतिनिधि अनिल मेहतर, धर्मेंद्र हजरा, महबूब अंसारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि और सफाई कर्मी मौजूद रहे। बैठक में मानदेय वृद्धि, समय पर वेतन भुगतान और अन्य लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई। नगर परिषद प्रशासन ने सभी मांगों के समाधान के लिए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
सुमेशर मेहतर, अविनाश कुमार, सुमन कुमार और दीपक कुमार की मौजूदगी में हड़ताल समाप्त करने की औपचारिक घोषणा की गई। सफाई कर्मियों ने उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल के लिए नगर परिषद प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का आभार जताया। नगर परिषद ने विश्वास व्यक्त किया कि आपसी समन्वय से शहर की स्वच्छता व्यवस्था और अधिक प्रभावी बनेगी।
जर्जर 40 स्कूल होंगे शिफ्ट, एक किमी के दायरे में स्थानांतरण को प्राथमिकता
- जिला प्रारंभिक शिक्षा समिति की बैठक में अहम फैसला
- दूर शिफ्टिंग पर ग्रामसभा की सहमति जरूरी
- एनओसी के बिना नहीं होगा विद्यालयों का स्थानांतरण
गोड्डा/संवाददाता। जिले के जर्जर हो चुके 40 प्राथमिक विद्यालयों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की तैयारी शुरू हो गई है। शुक्रवार को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी लोकेश मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित जिला प्रारंभिक शिक्षा समिति की बैठक में इस संबंध में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में जिला शिक्षा अधीक्षक दीपक कुमार ने बताया कि जिले के 40 विद्यालय जर्जर अवस्था में हैं। समिति ने निर्णय लिया कि विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विद्यालयों का स्थानांतरण यथासंभव एक किलोमीटर के दायरे में ही किया जाएगा।
समिति ने यह भी स्पष्ट किया कि स्थानांतरण से पहले संबंधित विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेना अनिवार्य होगा। यदि किसी विद्यालय को एक किलोमीटर से अधिक दूरी पर स्थानांतरित करना पड़े, तो पहले ग्रामसभा आयोजित की जाएगी, जिसमें अभिभावकों की भागीदारी और सहमति सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी मिथिला टुडू, जिला शिक्षा अधीक्षक दीपक कुमार, मंत्री व विधायक प्रतिनिधि, सांसद प्रतिनिधि तथा शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मी मौजूद थे।
नवोदय में पढ़ने का सुनहरा मौका, 31 जुलाई तक करें आवेदन
- कक्षा छह प्रवेश चयन परीक्षा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन जारी
- बीडीओ ने विद्यालयों को प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक आवेदन सुनिश्चित करने का दिया निर्देश
मेहरमा/संवाददाता। जवाहर नवोदय विद्यालय, ललमटिया में सत्र 2027-28 के लिए कक्षा छह में नामांकन हेतु आयोजित होने वाली चयन परीक्षा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। इसकी जानकारी प्रखंड विकास पदाधिकारी अभिनव कुमार ने दी।
उन्होंने बताया कि उपायुक्त के निर्देश पर प्रखंड क्षेत्र में चयन परीक्षा को लेकर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं इस अवसर का लाभ उठा सकें। जिले में परीक्षा के लिए कुल नौ केंद्र बनाए गए हैं।
बीडीओ ने कहा कि जवाहर नवोदय विद्यालय प्रतिभावान और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर प्रदान करता है। छात्राओं के लिए 50 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं। उन्होंने सभी प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को योग्य बच्चों को आवेदन के लिए प्रेरित करने का निर्देश दिया है। साथ ही अभिभावकों से समय पर पंजीकरण कराने की अपील की है, ताकि बच्चे इस प्रतिष्ठित संस्थान में प्रवेश का अवसर प्राप्त कर सकें।
शिक्षकों को मिला जेंडर संवेदनशीलता का पाठ
- जेम्स कार्यक्रम के तहत 50 शिक्षकों ने लिया प्रशिक्षण
- सुुरक्षित और जेंडर-समान विद्यालयी वातावरण बनाने पर दिया गया जोर
गोड्डा/संवाददाता। शिक्षा विभाग और आईसीआरडब्ल्यू के संयुक्त तत्वावधान में जेम्स कार्यक्रम के तहत पीएम श्री मध्य विद्यालय, गोड्डा में आयोजित तीन दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला संपन्न हो गई। इसमें गोड्डा प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों से आए 50 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया।
प्रशिक्षण में महेंद्र कुमार दिवाकर, अनुराधा कुमारी, कमलेश कुमार, मंजू कुमारी और यासमीन आर ने जेंडर समानता, लैंगिक भेदभाव, सत्ता, हिंसा तथा किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक बदलाव जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया। कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों को इन विषयों के प्रति संवेदनशील बनाना, विद्यार्थियों के साथ प्रभावी संवाद की क्षमता विकसित करना तथा विद्यालयों में सुरक्षित और जेंडर-समान वातावरण के निर्माण में उनकी भूमिका को मजबूत करना था।
प्रशिक्षकों ने कहा कि विद्यालय समानता, सम्मान और संवेदनशीलता जैसे मूल्यों के विकास का सबसे प्रभावी माध्यम हैं। ऐसे प्रशिक्षण शिक्षकों को बच्चों के सर्वांगीण विकास और सकारात्मक विद्यालयी माहौल तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए सक्षम बनाते हैं।