गोड्डा, संवाददाता। पुलिस ने पॉक्सो अधिनियम से जुड़े एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज होने के महज 11 दिनों के भीतर न्यायालय में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल कर पीड़िता को शीघ्र न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। मामला शादी का झांसा देकर नाबालिग से यौन शोषण करने तथा बाद में शादी से बचने के उद्देश्य से उसे विषैला पदार्थ देकर जान से मारने के प्रयास से जुड़ा है। नगर थाना में 13 जून 2026 को कांड संख्या 112/26 के तहत मामला दर्ज किया गया था। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने त्वरित अनुसंधान करते हुए मामले में नामजद पिता-पुत्र दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपित पुत्र नाबालिग है, जिसे विधिक प्रक्रिया पूरी कर बाल सुधार गृह, दुमका भेज दिया गया है। वहीं, विषैला पदार्थ देकर हत्या के प्रयास के आरोप में आरोपित के पिता नीरज कुमार को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
प्राथमिकी में क्या है आरोप
प्राथमिकी के अनुसार, पीड़िता बलबड्डा थाना क्षेत्र की रहने वाली है और वर्तमान में गोड्डा शहर स्थित अपने निजी मकान में अकेले रहकर इंटरमीडिएट (12वीं) की पढ़ाई कर रही थी। इसी दौरान उसकी पहचान आरोपित किशोर से हुई। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और शादी का आश्वासन देकर आरोपित ने कई बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। बताया गया कि जब पीड़िता के परिजनों ने विवाह करने का दबाव बनाया तो लड़का पक्ष ने छह माह बाद शादी करने का आश्वासन दिया। आरोप है कि बाद में शादी से बचने के लिए आरोपित किशोर और उसके पिता ने पीड़िता को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
इसी क्रम में दोनों गोड्डा स्थित उस मकान पर पहुंचे, जहां पीड़िता अकेले रहती थी और कथित रूप से बहला-फुसलाकर उसे विषैला पदार्थ पिला दिया। विषाक्त पदार्थ सेवन के बाद पीड़िता की तबीयत बिगड़ गई। उसने अपने परिजनों को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल गोड्डा में भर्ती कराया गया। स्थिति गंभीर होने पर उसे बेहतर उपचार के लिए पहले भागलपुर के मायागंज अस्पताल और बाद में देवघर स्थित एम्स में रेफर किया गया। समाचार लिखे जाने तक पीड़िता का इलाज जारी था। नगर थाना पुलिस ने मामले में पॉक्सो अधिनियम सहित अन्य सुसंगत धाराओं के तहत अनुसंधान करते हुए साक्ष्य संकलित किए और महज 11 दिनों के भीतर आरोप पत्र दाखिल कर मामले के त्वरित निष्पादन की दिशा में उल्लेखनीय कार्रवाई की है।
थाना पहुंचे एसपी, लंबित मामले निबटाने का आदेश
गोड्डा, संवाददाता। पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार ने शनिवार को बोआरीजोर थाना का निरीक्षण कर लंबित कांडों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने थाना के अभिलेखों, मालखाना, कार्यालय व्यवस्था, साफ-सफाई एवं प्रशासनिक कार्यों का जायजा लिया।
एसपी ने लंबित मामलों के त्वरित एवं निष्पक्ष निष्पादन पर जोर देते हुए अनुसंधानकर्ताओं को समयबद्ध जांच पूरी करने का निर्देश दिया। उन्होंने पुलिस पदाधिकारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने, आम लोगों की शिकायतों का शीघ्र निस्तारण करने तथा फरियादियों के साथ संवेदनशील व्यवहार करने की हिदायत दी।
उन्होंने कहा कि प्रभावी एवं जनोन्मुखी पुलिसिंग के लिए नियमित निरीक्षण और समीक्षा आवश्यक है। निरीक्षण के दौरान थाना प्रभारी आशीष कुमार यादव सहित सभी पुलिस पदाधिकारी एवं कर्मी मौजूद थे।
रेलवे ट्रैक पर मिला युवक का सिर कटा शव, जांच में जुटी पुलिस
गोड्डा, संवाददाता। नगर थाना क्षेत्र के पैरडीह गांव के समीप रेलवे ट्रैक पर 26 वर्षीय युवक का सिर कटा शव मिला है। इससे इलाके में हड़कंप है। प्रथम दृष्टया मामला रेल हादसे का प्रतीत हुआ, लेकिन मृतक के शरीर पर मिले मारपीट के निशानों ने घटना को संदिग्ध बना दिया है। मृतक के परिजनों का आरोप है कि युवक की हत्या करने के बाद शव को रेलवे ट्रैक पर फेंका गया, ताकि इसे रेल दुर्घटना का रूप दिया जा सके। परिजनों का कहना है कि युवक का सिर बेरहमी से धड़ से अलग कर दिया गया। मृतक के पिता ने गांव के ही कुछ लोगों पर हत्या का आरोप लगाते हुए कहा कि उनका लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था और मामला न्यायालय में विचाराधीन है। उनका आरोप है कि इसी रंजिश में उनके बेटे की हत्या की गई। सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गोड्डा सदर अस्पताल भेज दिया है। परिजन और ग्रामीण दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी तथा निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच में जुटी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।
मानसिक रोगियों के अधिकारों की दी गई जानकारी
गोड्डा, संवाददाता। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) के अध्यक्ष रमेश कुमार एवं सचिव दीपक कुमार के निर्देश पर शनिवार को सदर अस्पताल में 90 दिवसीय जागरूकता अभियान के तहत विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में नालसा (मानसिक बीमारी एवं बौद्धिक दिव्यांग व्यक्तियों के लिए कानूनी सेवाएं) योजना-2024 की जानकारी दी गई।
चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. जुनेद आलम ने कहा कि मानसिक रोगियों के प्रति संवेदनशीलता जरूरी है और सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के साथ नालसा की यह योजना उनके अधिकारों की रक्षा में महत्वपूर्ण है। अधिकार मित्र नवीन कुमार एवं अविनाश सिन्हा ने बताया कि योजना का उद्देश्य मानसिक बीमारी एवं बौद्धिक दिव्यांगता से जूझ रहे लोगों को नि:शुल्क और सम्मानजनक कानूनी सहायता उपलब्ध कराना, उनके संपत्ति, अभिभावक, सामाजिक सुरक्षा और अन्य अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित करना है। कार्यक्रम में डॉ. अंकेश कुमार, ओम बाचस्पति सहित अस्पताल कर्मी एवं विभिन्न गांवों से आए लोग उपस्थित थे।
शादी से लौटते वक्त काल बना पुल, एक की मौत
-दूसरा हो गया गंभीर रूप से घायल, मेदनीचक पुल के डिवाइडर से टकराकर नदी किनारे खाई में जा गिरी बाइक, पुलिस जांच में जुटी
बसंतराय, संवाददाता। प्रखंड क्षेत्र के मेदनीचक पुल के समीप शनिवार को हुए भीषण सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। दोनों एक शादी समारोह से बाइक पर सवार होकर घर लौट रहे थे। रास्ते में अनियंत्रित बाइक पुल के डिवाइडर से टकराने के बाद नीचे नदी किनारे खाई में जा गिरी।
मृतक की पहचान ललमटिया थाना क्षेत्र के लीलातरी गांव निवासी ताला हेंब्रम (45), पिता भगन हेंब्रम, के रूप में हुई है। वहीं हादसे में बाबूजी टुडू गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनका इलाज चल रहा है।
जानकारी के अनुसार, दोनों पथरगामा प्रखंड के मटिहानी गांव में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होकर अपने घर लौट रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मेदनीचक पुल के पास पहुंचते ही बाइक अचानक अनियंत्रित हो गई और डिवाइडर से टकराकर पुल के नीचे खाई में जा गिरी। हादसा इतना भीषण था कि ताला हेंब्रम की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद आसपास के ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे और दोनों को खाई से बाहर निकाला। सूचना मिलने पर महागामा थाना पुलिस और एंबुलेंस की टीम घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गोड्डा सदर अस्पताल भेज दिया, जबकि घायल को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
महागामा थाना प्रभारी मनोज पाल ने बताया कि प्रारंभिक जांच में बाइक के अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराने के कारण हादसा होने की बात सामने आई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
दो जगह पेड़ से लटके मिले दो लोगों के शव
गोड्डा, संवाददाता। ललमटिया थाना क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों से शनिवार को दो व्यक्तियों के शव फंदे से लटके मिले। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पहली घटना डकैता चौक के समीप चर्च के पीछे जंगल की है, जहां पेड़ से लटका शव मोहम्मद सरफराज अंसारी (25) का मिला। परिजनों के अनुसार वह मानसिक रूप से अस्वस्थ था। उन्होंने हत्या की आशंका जताई है। घटनास्थल से चप्पल और नशा पदार्थ भी बरामद होने की बात सामने आई है।
दूसरी घटना पियारम जंगल की है, जहां सुंदरपहाड़ी थाना क्षेत्र के रामपुर निवासी अमीन लोहार (40) का शव फंदे से लटका मिला। परिजनों ने बताया कि वह भी मानसिक रूप से अस्वस्थ थे और अक्सर घर से बाहर चले जाते थे। थाना प्रभारी रौशन कुमार सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया डकैता चौक की घटना आत्महत्या प्रतीत होती है, लेकिन दोनों मामलों में मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है।
लोक अदालत में 22 मामले निबटे, 44,300 रुपये का समझौता
गोड्डा, संवाददाता। जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) की ओर से शनिवार को व्यवहार न्यायालय परिसर में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डालसा अध्यक्ष रमेश कुमार की अध्यक्षता में लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें आपसी सहमति से 22 मामलों का निपटारा करते हुए 44,300 रुपये का समझौता कराया गया।
निस्तारित मामलों में 13 आपराधिक समझौतायोग्य मामलों में 5,000 रुपये, बिजली विवाद के पांच मामलों में 20,000 रुपये तथा उत्पाद (एक्साइज) के चार मामलों में 19,300 रुपये का समझौता हुआ।
डालसा सचिव दीपक कुमार ने बताया कि मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए पांच न्यायिक बेंच गठित की गई थीं, जिनमें पारिवारिक, मोटर दुर्घटना दावा, सिविल एवं आपराधिक अपील, बिजली, राजस्व, श्रम, उत्पाद तथा प्री-लिटिगेशन सहित विभिन्न प्रकार के मामलों की सुनवाई कर उनका निष्पादन किया गया।
एसआईआर अभियान के लिए स्वयंसेवकों का प्रशिक्षण शुरू
लोकतंत्र की मजबूती के लिए शत-प्रतिशत मतदाता पंजीकरण जरूरी : डीसी
गोड्डा, संवाददाता। मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 अभियान के सफल संचालन को लेकर शनिवार को नगर भवन में स्वयंसेवकों के प्रथम चरण के प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त लोकेश मिश्रा ने किया। पहले सत्र में मेहरमा, महागामा और ठाकुरगंगटी तथा दूसरे सत्र में बसंतराय, पथरगामा और गोड्डा प्रखंड के स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण दिया गया।
उपायुक्त ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए शत-प्रतिशत पात्र मतदाताओं का पंजीकरण आवश्यक है। उन्होंने स्वयंसेवकों से घर-घर जाकर मतदाता सूची सत्यापन करने तथा युवाओं, महिलाओं, दिव्यांगजनों और वंचित वर्गों को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए जागरूक करने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि एसआईआर अभियान के दौरान नागरिकों से किसी भी प्रकार के दस्तावेज की मांग नहीं की जाएगी और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की।
प्रशिक्षण में स्वयंसेवकों को मतदाता सूची सत्यापन, नए मतदाताओं का पंजीकरण, त्रुटि सुधार, मृत एवं स्थानांतरित मतदाताओं के नाम विलोपन सहित निर्वाचन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। इस अवसर पर एसडीओ वैद्यनाथ उरांव, एसडीओ आलोक वरण केसरी, जिला परिवहन पदाधिकारी कंचन कुमारी भुदोलिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
आज से पल्स पोलियो अभियान, 2.85 लाख बच्चों को पिलाई जाएगी दो बूंद जिंदगी की
- तीन दिन चलेगा अभियान, 1,090 बूथ और 1,159 टीमें रहेंगी तैनात
गोड्डा, संवाददाता। जिले में 28 से 30 जून तक राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत शून्य से पांच वर्ष तक के 2,85,788 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसकी जानकारी शनिवार को सिविल सर्जन डॉ. एस.सी. शर्मा ने मीडिया ब्रीफिंग में दी।
उन्होंने बताया कि 28 जून को बूथ दिवस पर सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक सभी पोलियो बूथों पर बच्चों को दवा पिलाई जाएगी, जबकि 29 व 30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को पोलियो की खुराक देंगी।
अभियान के लिए जिले में 1,090 बूथ, 1,159 टीमें, 2,318 वैक्सीनेटर, 237 सुपरवाइजर, 104 सब-डिपो, 29 ट्रांजिट टीम और 33 मोबाइल टीमों की तैनाती की गई है। सभी स्वास्थ्यकर्मियों का प्रशिक्षण पूरा कर लिया गया है तथा वैक्सीन और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध करा दिए गए हैं।
सिविल सर्जन ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की दो बूंद अवश्य पिलाएं, ताकि “एक भी बच्चा छूटे नहीं” का लक्ष्य पूरा हो सके।