- ताजिया जुलूस और अखाड़ों के करतब बने आकर्षण का केंद्र
जामताड़ा, संवाददाता। झारखंड के जामताड़ा जिले में मोहर्रम का पर्व धार्मिक आस्था, भाईचारे और शांति के वातावरण में मनाया गया। जिलेभर में निकले ताज़यिा जुलूसों में हजारों लोगों ने भाग लिया, जबकि पारंपरिक अखाड़ों में युवाओं ने लाठी, तलवार और भाले से हैरतअंगेज युद्ध कौशल का प्रदर्शन कर लोगों का मन मोह लिया।
जामताड़ा शहर के साथ-साथ नारायणपुर, करमाटांड़, फतेहपुर, नाला और कुंडहित प्रखंडों में भव्य ताजिया जुलूस निकाले गए। शहर के सुभाष चौक पर विभिन्न गांवों के ताज़िए एकत्र हुए, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने पारंपरिक अखाड़ों के प्रदर्शन का आनंद लिया।
पूरे आयोजन के दौरान जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और लोगों ने देश में अमन, शांति एवं भाईचारे की दुआ मांगी। इस आयोजन ने जामताड़ा की गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक सौहार्द की एक बार फिर मिसाल पेश की।
अखाड़ों में मंत्री ने भांजी लाठी-तलवार
मोहर्रम के अवसर पर झारखंड सरकार के खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले तथा आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर अखाड़ा प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। उन्होंने युवाओं के पारंपरिक लाठी-डंडा, तलवारबाजी और युद्धकला के प्रदर्शन की सराहना की। कार्यक्रम के दौरान मंत्री स्वयं भी अखाड़े में उतरे और पारंपरिक अंदाज में लाठी एवं तलवार चलाकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। उनके प्रदर्शन पर उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका स्वागत किया।
युवाओं को शिक्षा और अनुशासन का संदेश
इस अवसर पर मंत्री डॉ. अंसारी ने कहा कि अखाड़ों में युवाओं का जोश, साहस और अनुशासन प्रेरणादायक है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि जिस समर्पण और मेहनत से वे पारंपरिक खेलों में हिस्सा लेते हैं, उसी लगन के साथ शिक्षा और कौशल विकास पर भी ध्यान दें।
उन्होंने कहा कि शारीरिक रूप से सशक्त होने के साथ-साथ शिक्षित और मानसिक रूप से मजबूत होना भी आवश्यक है। शिक्षा, अनुशासन और सकारात्मक सोच ही समाज, राज्य और देश के विकास की मजबूत नींव है।
अंत में मंत्री ने सभी लोगों से अमन, शांति, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील करते हुए मोहर्रम की शुभकामनाएं दीं।
सादगी व सौहार्द के साथ मना मोहर्रम
कुंडहित, संवाददाता। प्रखंड क्षेत्र के विक्रमपुर, बाघाशोला, महेशपुर, पांचकुड़ी, बनकाठी, नवडीहा सहित मुस्लिम बहुल गांवों में मोहर्रम का पर्व सादगी, आस्था और शांतिपूर्ण माहौल में मनाया गया। विक्रमपुर एवं पांचकुड़ी में ताजिया जुलूस निकाले गए, जहां अखाड़ों में युवाओं ने पारंपरिक लाठी, भाला और तलवार के करतब प्रस्तुत कर हजरत इमाम हसन एवं हुसैन की शहादत को याद किया। हालांकि इस वर्ष कुंडहित मुख्यालय में पारंपरिक मातमी जुलूस का आयोजन नहीं हो सका।
मोहर्रम पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मस्जिदों, इमामबाड़ों और घरों में शिरनी का फातिहा कराया, रोजा रखा तथा नमाज और कुरानखानी की। पर्व को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा।
बाघाशोला के इमाम मौलाना मो. इसहाक आलम ने कहा कि मुहर्रम इस्लाम का अत्यंत पवित्र महीना है, जो करबला में हजरत इमाम हसन और इमाम हुसैन की कुर्बानी की याद दिलाता है। उन्होंने बताया कि आशूरा के मौके पर रोजा रखना और इबादत करना विशेष महत्व रखता है।
फतेहपुर में मुहर्रम को लेकर निकाला गया जुलूस
फतेहपुर संवाददाता शुक्रवार को मोहर्रम पर्व को लेकर जुलूस निकाला गया। जिसमें बनगड़ी और खिजुरिया मोहर्रम कमेटी के खिलाड़ियों के द्वारा कई प्रकार के खेल का प्रदर्शन किया। फतेहपुर हटिया, बस स्टैंड, फतेहपुर मोड़ से ही अखाड़ा समाप्त किया गया और सभी अपने अपने गंतव्य स्थान पर निकला इस दौरान जुलूस को लेकर पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह से एक्टिव मोड पर रही। अखाड़ा स्थल के साथ साथ चौक चौराहा पर जिला प्रशासन की ओर से विशेष पुलिस बल मुहैया कराया गया था। इसके इलावा मजिस्ट्रेट की तैनाती भी किया गया था। जुलूस पर नजर रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने ड्रोन कैमरा भी लगाया था। ताकि किसी भी प्रकार के शरारती तत्वों पर खास नजर रखा जा सके।
मौके पर बीडीओ सह सीओ प्रेम कुमार एसडीपीओ किशोर तिर्की इंस्पेक्टर कुंडहित सर्किल बिहारी मरांडी थाना प्रभारी अमर सिंह तापेए मजिस्ट्रेट बाबू चांद पंडित और प्रेम टुडू आदि पुलिस बल तैनात थे।
बीएलओ व वॉलंटियर्स को मिलेगा एसआईआर का प्रशिक्षण
जामताड़ा , संवाददाता। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए जामताड़ा जिला प्रशासन ने सभी मतदान केंद्रों के बीएलओ एवं मतदाताओं के सहयोग हेतु नामित वॉलंटियर्स के प्रशिक्षण का कार्यक्रम तय किया है। यह प्रशिक्षण जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त आलोक कुमार के निर्देश पर आयोजित किया जाएगा।
प्रशिक्षण 27 जून और 29 जून 2026 को एसजीएसवाई प्रशिक्षण भवन सभागार में दो पालियों में आयोजित होगा। इसमें जिले के सभी प्रखंडों के मतदान केंद्रों से जुड़े वॉलंटियर्स को प्रशिक्षण देकर विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य को प्रभावी ढंग से संपन्न कराने की तैयारी की जाएगी।
प्रशिक्षण कार्यक्रम
27 जून 2026
पूर्वाह्न 11:00 बजे से 1:00 बजे तक: नारायणपुर (151 वॉलंटियर्स) एवं करमाटांड़ (सारठ पार्ट) (78 वॉलंटियर्स)
अपराह्न 2:00 बजे से 4:00 बजे तक: जामताड़ा (195 वॉलंटियर्स) एवं करमाटांड़ (37 वॉलंटियर्स)
29 जून 2026
पूर्वाह्न 11:00 बजे से 1:00 बजे तक: फतेहपुर (100 वॉलंटियर्स) एवं कुंडहित (96 वॉलंटियर्स)
अपराह्न 2:00 बजे से 4:00 बजे तक: नाला (144 वॉलंटियर्स)
जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त ने सभी संबंधित वॉलंटियर्स को निर्धारित तिथि एवं समय पर प्रशिक्षण में अनिवार्य रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है। साथ ही एसआईआर से जुड़े कार्यों को बेहतर ढंग से लागू करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं।
पहल रंग लाई, लहलहाने लगे पौधे
कुंडहित, संवाददाता। वन प्रमंडल जामताड़ा के निर्देशन में कुंडहित वन क्षेत्र के डुमरा से पुतुलबोना जोड़िया तक सड़क किनारे लगाए गए हजारों पौधे अब हरियाली की सुंदर तस्वीर पेश कर रहे हैं। करीब एक वर्ष पूर्व लगाए गए पौधे तेजी से विकसित होकर छोटे-छोटे पेड़ों का रूप लेने लगे हैं।
वन विभाग के कैटल गार्ड संजय कुमार की नियमित देखरेख, सिंचाई और संरक्षण के कारण अधिकांश पौधे सुरक्षित बढ़ रहे हैं। सड़क के दोनों ओर फैली हरियाली राहगीरों को स्वच्छ वातावरण का एहसास करा रही है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे अभियान पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और हरित भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
मां कामाख्या देवी का वार्षिक महोत्सव शुरू, निकली भव्य कलश यात्रा
मिहिजाम, संवाददाता। मिहिजाम में मां कामाख्या देवी का वार्षिक महोत्सव शुक्रवार को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ शुरू हुआ। शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं, युवाओं और श्रद्धालुओं ने माता के जयकारों तथा ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच कलश यात्रा निकाली। यात्रा मंदिर परिसर से शुरू होकर नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए पुन: मंदिर पहुंची, जहां विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की गई।
मां कामाख्या देवी के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु मिहिजाम पहुंच रहे हैं। पूरे मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है। कलश यात्रा और महोत्सव के दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। पुलिस बल की तैनाती के साथ पूरे मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। महोत्सव के दौरान आगामी दिनों में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-पाठ और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
प्रखंड स्तर पर बनेंगे ड्राइविंग लाइसेंस, जुलाई भर लगेगा शिविर
जामताड़ा, संवाददाता। जिलेवासियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार के निर्देश पर जामताड़ा जिले के सभी प्रखंडों में पूरे जुलाई माह के दौरान ड्राइविंग लाइसेंस निर्माण हेतु विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इस संबंध में जिला परिवहन पदाधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
उपायुक्त ने बताया कि लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी सेवाएं उनके घर के नजदीक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रखंड स्तरीय कैंप लगाए जा रहे हैं, ताकि उन्हें जिला मुख्यालय का चक्कर न लगाना पड़े।
इन शिविरों में लर्निंग लाइसेंस एवं स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन, दस्तावेजों का सत्यापन तथा सड़क सुरक्षा नियमों, गुड सेमरिटन, राहवीर योजना और हिट एंड रन मुआवजा योजना की जानकारी भी दी जाएगी।
प्रखंडवार कैंप की तिथियां
जामताड़ा प्रखंड कार्यालय: 2 एवं 3 जुलाई
मिहिजाम नगर परिषद: 6 एवं 7 जुलाई
नारायणपुर प्रखंड कार्यालय: 9 एवं 10 जुलाई
पबिया पंचायत भवन: 13 एवं 14 जुलाई
करमाटांड़ प्रखंड कार्यालय: 20 एवं 21 जुलाई
फतेहपुर प्रखंड कार्यालय: 23 एवं 24 जुलाई
नाला प्रखंड कार्यालय: 27 एवं 28 जुलाई
कुंडहित प्रखंड कार्यालय: 30 एवं 31 जुलाई
उपायुक्त ने जिलेवासियों से अपील की है कि निर्धारित तिथि और स्थान पर सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ शिविर में पहुंचकर ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया का लाभ उठाएं।
शिविरों के सफल संचालन के लिए जिला परिवहन पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी तथा प्रज्ञा केंद्रों एवं सीएससी केंद्रों को व्यापक प्रचार-प्रसार और ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।